आओ बात करें फूलों
की और नाज़ की
गुलों और उनके
गुलाबी अंदाज़ की
पंखो और परवाजो की
जज्बात और जज्बों की
चटक चटक दौड़ते लहू की
धड़कन धड़कन हरकत की
नजरो के नजरानो की
दिलों से लगी दिल्लगी की
नसीहतो से किनारों की
बेपरवाह इबादत की
मुहब्बत के बुत की
बेफिक्री की
आओ बात करें तुम्हारी
नादानियों की
आओ बात करें
मेरी तन्हाइयों की
सुनो गर दोस्त हो
तो फिर
न हँसना सुन कर
फ़साना मेरा
कह दिया अश्क-बार
हो जो हाल-ए-गम
हम जानते है
िलो की दुनिया में
भी झूट का जो
कारोबार होता है
इधर इजहार-ए-दर्द -ए दिल
होता है, उधर वाह वाह
होता है ......