पाबंदी पर पाबंदी लगाये जाते हो
ये तो बता दो कब्र पर मेरी क्या ताले लगाओगे
दरख्तो पे बेले लिपटी है कुछ ऐसे
गुलबंद तेरे शानो पे सजे हो मेरी बाहो के जैसे .... aameen
मेरी हस्ती पर छाने लगा है वो एक बादल
हवाओ पे छाया रहता है जो हर वक़्त
तेरे ऐतबार पे ऐतबार तो है
फिर भी सम्हाल के रख दिल
ये मेरा फिर भी दिल ही तो है ... आमीन
पीते है फिर उनको तलाशते है
जिनके गमो के पी पी के भूलाते है
रूह से रूह कि होती रहती है बातें दिन रात
कर ऐतबार, मरते रूहो को कभी सुना ही नहीं
मन के प्यासे हंसा को
दे अपने अंगना कि छाँव या रब
बहोत बोलती है मेरी आँखें
अपनी पलकों से कहो जरा
झुक के सलाम करें.
ले लो ये ज़िंदगानी हमसे अब
दे दो कब्र कि मीठी नींद या रब
ज़िंदगी को ज़िंदगी का इंतिज़ार
मुझको तेरे आने का ऐतबार
नज़रो से नज़ारो तक नज़र कि गिरफ्त में
इक तू है तू है तू है तेरे सिवा कुछ भी नहीं
उनकी यादो के मंजर कुछ
यु भी है वो सजदो में झुके हो जैसे ..
ये तो बता दो कब्र पर मेरी क्या ताले लगाओगे
दरख्तो पे बेले लिपटी है कुछ ऐसे
गुलबंद तेरे शानो पे सजे हो मेरी बाहो के जैसे .... aameen
मेरी हस्ती पर छाने लगा है वो एक बादल
हवाओ पे छाया रहता है जो हर वक़्त
तेरे ऐतबार पे ऐतबार तो है
फिर भी सम्हाल के रख दिल
ये मेरा फिर भी दिल ही तो है ... आमीन
पीते है फिर उनको तलाशते है
जिनके गमो के पी पी के भूलाते है
रूह से रूह कि होती रहती है बातें दिन रात
कर ऐतबार, मरते रूहो को कभी सुना ही नहीं
मन के प्यासे हंसा को
दे अपने अंगना कि छाँव या रब
बहोत बोलती है मेरी आँखें
अपनी पलकों से कहो जरा
झुक के सलाम करें.
ले लो ये ज़िंदगानी हमसे अब
दे दो कब्र कि मीठी नींद या रब
ज़िंदगी को ज़िंदगी का इंतिज़ार
मुझको तेरे आने का ऐतबार
नज़रो से नज़ारो तक नज़र कि गिरफ्त में
इक तू है तू है तू है तेरे सिवा कुछ भी नहीं
उनकी यादो के मंजर कुछ
यु भी है वो सजदो में झुके हो जैसे ..