शनिवार, 7 फ़रवरी 2026

प्रेम और विछोह

 प्रेम में विछोह प्रेम को प्रगाढ़ता देता है ,बात करने का तो बहुत मन करता है उससे लेकिन, वो मेरे बिना खुश है उसे क्यो परेशान करना..!! उंसके जाने का दुःख नहीं है मगर 

उसका यूं बार बार याद आना बहुत तकलीफ़ देता है..!!

पर वो सबसे अलग था जो किस्मत में नहीं था..!!

ता उम्र फिर जो एक सपना बनकर आपकी यादों में बस जाता है वो रिश्ता कितना सम्मानित हो जाता है कि वक्त के साथ भले लाखो समझौते करते हुए हम जीवन को सामाजिकता देते चले जाते है और फिर जब उम्र के एक पड़ाव पर वो प्रेम वो यादेँ जब कभी सपना बनकर आपके मानस पटल पर उभर आती है लगता है वो सपना एक पूरे जीवन को जी लेने के बराबर हो जाता है, अहसास ऐसा की हम हर तरफ उंसि को  ढूंढने लगते है सोचते रहते है कि काश वो जो सपना आज जिया वो मरने से पहले एक बार हकीकत हो जाये । 

मगर नही हो सकते कुछ अपने हक़ीक़त और रह जाते है सपने ही बनकर। मगर ना मलाल है ना शिकवे शिकायत जिंदगी से बस सम्मान है उन यादों के एक लंबे सफर का । प्रेमी टुच्चे हो सकते है उनके बीच घटा प्रेम नही । हाँ प्रेमिका भी टुच्ची हो सकती है मगर अहसास को सम्मान देगी । 

Dr-Anita Rathi 

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