बुधवार, 29 जनवरी 2020



अपने पास एक खंजर धारदार रखिये
छुपे बैठे रंगे सियार नज़र पहरेदार रखिये |

करने वार तुम्हारी हस्ती पर चालाक रिश्ते
सम्हाल सम्हाल कर आगे कदम रखिये |

आस्तीन के सांप है कुछ दोस्त यहाँ 'राहीराज'
थोडा जेहर गटकने की आदत बनाये रखिये |

झूठे वादों से मतलब साधने वाले ये कमीने
नगीने परख परख पालने का हुनर रखिये |

इतनी आसान नहीं डगर पनघट की यूँ
सम्हल सम्हल कर कदम काई पर रखिये |

एक से एक है कलाकार इस जहां में
आप अपनी अदा का पूरा पूरा ख़याल रखिये|

विश्वासघात करेगा वो ये ही फितरत है उसकी 'अनु'
जागी रह, वो खड़ा है हर लम्हा करने वार, चौकस रहिये |

बहुत जालिम है दुश्मन के नाती
फिर भी पीठ पीछे बैठे घात लगाये देखिये |

कल घर से निकले ही नहीं तुम , वरना
वो तो साधे है तुम पर निशाना सम्हालिए।

कितने सूरज उग दो चहुँ और दोस्त
अंधेरो का किये वरण मेरे प्यारे बैठे है |
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