सुकून
मुझे दे गया वो जाते जाते
याद आता
रहा लम्हा-लम्हा,
हर लम्हा
जाते जाते ...
एक उम्र
गुजार गया हर पल में
एक एक पल
जाते जाते
लिख कर
अपना नाम हथेली पर हिना से
मुझे गुमनाम
कर गया जाते जाते
शाने से
अपने लगा कर यूँ
जी भर भर
कर मुझे वो
रुला गया
जाते जाते
कह कर बड़े
अदब से खुदा -हाफिज
बिस्मिल्लाह
जिंदगी कर गया जाते जाते
अब सो भी
जाओ सितारों
पलके बंद
हो तो देखू उसको
वो तो दे
गया मीठे ख्वाब जाते जाते ....
Aameen
