मजबूरी नहीं "मजबूती" का नाम है - श्री अशोक गहलोतजी
" निरंतर विकास ही जीवन का नियम है। जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने के चक्कर में हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है, वह खुद को गलत स्थिति में पहुंचा देता है।"- महात्मा गाँधी
गाँधी जी के उच्च विचारों से प्रेरित श्री अशोक गहलोत जी - राजस्थान के गाँधी कहलाने वाले'पानी बचाओ, बिजली बचाओ, सबको पढ़ाओ' का नारा देकर राजस्थान के सर्वांगीण विकास का सपना साकार करने वाले राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत अपनी सादगी और गांधीवादी मूल्यों के लिए पहचाने जाते है | श्री अशोक गहलोत का जन्म 3 मई, 1951 को मेरी कलम के साथ साथ पूरा राजस्थान उनको उनके जन्मदिन पर ह्रदय से चिर्यायु एवं मंगलमय जीवन की दुआ करता है | जो चीज श्री अशोक गहलोत जी को राजस्थान का गांधी होने का गौरव दिलवाती है वो है आपका एक आदर्श शख्सियत होना आपकी कथनी और करनी का एक मन प्राण होना | आपकी एक एक योजना आपका एक एक व्क्तव्य आपका ध्येय बना और अपने उसको पूरा करने में समयबद्ध लाम्बद्धता दिखाई | आइये आज आपको परिचित करवाएं उस पुरोद्धा से जो किसी परिचय का मोहताज नहीं आदरणीय श्री अशोक गहलोत जी, जिनका व्यक्तित्व और कृतित्व आदर्शवादी रहा है. उनका आचरण प्रयोजनवादी विचारधारा से ओतप्रोत रहा| श्री अशोक गहलोत जी का जन्म जोधपुर,राजस्थान में हुआ |श्री अशोक गहलोत जी ने विज्ञान और लॉ में स्नातक और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है| वर्ष 1977 में अशोक गहलोत का विवाह श्रीमती सुनीता गहलोत के साथ संपन्न हुआ| इनके एक पुत्र वैभव और एक पुत्री सोनिया हैं। श्री गहलोत ‘जी’ को जादू तथा घूमना-फिरना पसन्द हैं परन्तु उन्हें फिजूलखर्ची बिल्कुल पसन्द नहीं है। वे लोगों की पीड़ा और दु:ख- दर्द जानने के लिए उनसे सीधी मुलाकात करते हैं| श्री अशोक गहलोत विद्यार्थी जीवन से ही राजनीति से जुड़ गए थे. इन्होंने अपना पहला विधान-सभा चुनाव वर्ष 1980 में जोधपुर निर्वाचन क्षेत्र से जीता, उसके बाद श्री अशोक गहलोत जी ने इसी निर्वाचन क्षेत्र से 8वी, 10वीं, 11वीं, 12वीं लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज की, श्री अशोक गहलोत प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी, राजीव गांधी और पी.वी नरसिंह राव की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं. इसके अलावा इन्दिरा गांधी के प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए वह वर्ष 1982-1984तक पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय और खेल मंत्रालय में उपमंत्री भी रह चुके हैं. इसके बाद वह राज्य मंत्री नियुक्त किए गए. केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर उन्होंने पर्यटन और नागरिक उड्ड्यन मंत्रालय में अपनी सेवाएं दी हैं. इसके बाद उन्हे कपड़ा मंत्रालय में केन्द्रीय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रदान किया गया. इस पद पर वह 1991-1993तक रहे. अशोक गहलोत ने जून 1989 से लेकर नवंबर 1989 तक के अल्पकाल के लिए राजस्थान गृह मंत्रालय और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का भी भार संभाला था. 34वर्ष की आयु में अशोक गहलोत राजस्थान प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष बनाए गए. श्री अशोक गहलोत 01/12/1998 से 08/12/2003 एवं13/12/2008 से 13/12/2013 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे । उनका यह कार्यकाल अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियों के अलावा अभूतपूर्व सूखा प्रबन्धन, विद्युत उत्पादन, संसाधनों का विकास, रोजगार सृजन, औद्योगिक और पर्यटन विकास, कुशल वित्तीय प्रबन्धन और सुशासन के लिए जाना जाता है । मुख्यमंत्री के रूप में श्री गहलोत के पहले कार्यकाल के दौरान राजस्थान में इस सदी का भयंकार अकाल पड़ा । उन्होंने अत्यन्त ही प्रभावी और कुशल ढ़ंग से अकाल प्रबन्धन का कार्य किया । उस समय अकाल प्रभावित लोगों के पास इतना अनाज पहुंचाया गया था जितना अनाज ये लोग शायद अपनी फसलों से भी प्राप्त नहीं कर सकते थे । प्रतिपक्ष भी खाद्यान्न और चारे की अनुपलब्धता के सम्बन्ध में सरकार की तरफ अंगुली तक नहीं उठा सके क्योंकि श्री गहलोत ने व्यक्तिगत रूप से अकाल राहत कार्यों की मॉनिटरिंग की थी । श्री गहलोत को गरीब की पीड़ा और उसके दु:ख दर्द की अनुभूति करने वाले राजनेता के रूप में जाना जाता है । उन्होंने 'पानी बचाओ, बिजली बचाओ, सबको पढ़ाओ' का नारा दिया जिसे राज्य की जनता ने पूर्ण मनोयोग से अंगीकार किया ।प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास में श्री अशोक गहलोत विकास को एक सतत् प्रक्रिया मानते है, गांव, गरीब व आम लोगों की भलाई तथा जीवन को खुशहाल बनाने के लिए उनकी सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए सदैव प्रयत्नशील रही । उन्होंने राज्य में पानी, बिजली व सड़कें और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं से प्रदेश को विकास की अग्रणी श्रेणी में ले जाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी|बतौर मुख्यामंत्र्री अपने सूचना और शिक्षा का अधिकार एवं काम की गारन्टी के साथ साथ राज्य में कल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ की जो अपने आप में बेमिसाल योजनायें रही | गरीब के घर की छत पक्की बनाने के लिए इंदिरा आवास की तर्ज पर मुख्यमंत्री ग्रामीणा बी.पी.एल. आवास योजना शुरू की गई ।निःशुल्क दवा वितरण योजना के साथ ही अप्रेल से राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क जांच का प्रावधान किया| प्रदेश के चहुमुखी विकास की कार्ययोजना बना उसके क्रियान्वयन का श्रेय अगर किसी मुख्यमंत्री को जाता है तो वो है सिर्फ श्री अशोक गहलोत जी| आपने प्रदेश को गुड गवर्नेन्स के लिए उसके अकोर्डिंग, तमाम वो कदम उठाये, वो कानून बनाये, चाहे वो लोक सेवा गारन्टी एक्ट हो, चाहे वो आरटीआई हो, चाहे वो राइट टू हियरिंग हो जो पूरे मुल्क में राजस्थान एक मात्र राज्य है जहां ये कानून बना|ताकि लोगो को सुनने का अधिकार मिल सके उनकी बात प्रशासन तक आसानी से पहुँच सके | फूड सिक्योरटी स्कीम आपकी एक प्रभावशाली स्कीम रही जिसने प्रदेश में सुदूर आदिवासी इलाको तक किसी को भूखा नहीं सोने दिया ये स्कीम इस प्रकार लागू हुई की शायद पूरे मुल्क में कहीं पर नहीं हुई होगी। हम भारत के नागरिक है और राजस्थान हमारी जन्म भूमि है राजस्थान की धरती का मान बढे सम्मान बढे यहाँ के लोग प्रफुल्लित रहे , युवा शक्ति मजबूत हो हर तरफ खुशहाली हो यही एक तमन्ना रहती है मन प्राणों में की वीरो की भूमि राजस्थान की आन बान शान बनी रहे रीती रिवाजो और परम्पराओ का निर्वहन होता रहे रंगबिरंगे परिधानों में सजे इस्सर गणगौर से लोग , ढोला मारु सा प्रेम लिए रेतीले धोरो पर मदमस्त हो घुमर करे | मुझे अन्य सभी की भांति अपने देश-प्रदेश से प्यार और गर्व हो | हमारे सपनो का राजस्थान वापस अपनी साख बनाये विश्व पटल पर और लोग दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो जाये हमारे राजस्थान को वो खोया हुआ नेतृत्व जो आदरणीय अशोक गहलोत जी की अगुवाई में मिला वो वापस मिले इसी अमन चैन की दुआ के साथ हम आज आदरणीय को उनके जन्मदिन की बहोत बहोत बधाई प्रेषित करते है | उम्मीद-ओ-आस के सहारे – राजस्थान है आपके विश्वास के सहारे |I
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें