शुक्रवार, 2 अगस्त 2013

ये तेरे नाम की खुमारी है

ये तेरे नाम की खुमारी है

ये तेरे करम का रहम है
ये तेरे नाम की खुमारी है
तेरी निगाह का ही काम है
सुरूर है, नशा है , बस अब
मुझको ये काम है , के तेरे
दर पे रहे निगाह और तेरी
राह में हो हर एक काम है
जानती हु तू आएगा सुन
कर मेरा ये कलाम, बस ये
ही एक काम है,
ये तेरे नाम की खुमारी है
ये तेरे करम का रहम है
तेरे दर पर मेरे सकीना ये
दिल रख दिया, ये जान रख दी
ये सर रख दिया , ये कलाम
रख दिया अब और कितना झुकाओगे
अब तो पास आकर गले लगाओ
ये तेरे नाम की खुमारी है
ये तेरे करम का रहम है

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