कल तलक तू मेरे संग था
हर तरफ रंग ही रंग रंग था
राहो में फूलो का कालीन था
ख्वाबो में आसमानी उफान था
वो भी क्या पल थे जब सुरूर ही सुरूर था
हम बहके भी मगर एक दुसरे का साथ था
तेरा चश्म-ये-नूर भी गज़ब नूर था
हर एक तेरे दीदार का कायल था
तू मेरे करीब रहा ये मेरा नसीब था
अलविदा भी न कह पाया ये मेरा नसीब था
तूने दी थी ज़िंदगी मुझे तू वो नूर था
इक ये दौर है इक वो दौर था
हर तरफ रंग ही रंग रंग था
राहो में फूलो का कालीन था
ख्वाबो में आसमानी उफान था
वो भी क्या पल थे जब सुरूर ही सुरूर था
हम बहके भी मगर एक दुसरे का साथ था
तेरा चश्म-ये-नूर भी गज़ब नूर था
हर एक तेरे दीदार का कायल था
तू मेरे करीब रहा ये मेरा नसीब था
अलविदा भी न कह पाया ये मेरा नसीब था
तूने दी थी ज़िंदगी मुझे तू वो नूर था
इक ये दौर है इक वो दौर था
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