रेप कौन नहीं करता – करता रहा है , करेगा “
रिक्शावाला जब किसी महिला सवारी को बिठाता है तो देखिये उसकी आँखों में लालच का पानी। एक ऑटो ड्राइवर जब किसी युवती या बच्ची को बिठाता है तो देखिये उसकी नज़र। वह आधे वक़्त मिरर में ही देखता रहता है। बस कंडक्टर, ड्राइवर को देखिये, हवस होती है उनकी आँखों में / और सुनिए मेरी कलम की आँखों से ... सब्जी वाला जब सब्जी बेचता है महिलाओ को देख कर पुरुष ग्राहकों से अंखिया मिला कर जो फब्तियां कसता है क्या वो रेप नहीं है ... नहीं न तो इतना समझ लीजे साहेब की आपकी बहन , बीवी का ही नहीं आपकी माँ ओर बेटी का हर रोज रेप होता है बस आपको पता ही नहीं चलता क्योंकि दिन भर में आपके भीतर का राम सिर्फ बिस्तर पर तब जागता है जब आपकी धर्मपत्नी नौकरी कर अपने पुरुष साथियों के साथ दिन भर की आपा धापी आपसे न कह पाती है ओर आप उसकी बातो के पचहत्तर अर्थ निकाल कर उसको सीता होने का प्रमाण मांगते हो | भले दिन भर आपने अपने साथियों के साथ मिलकर चाय की थडी पर , बस में या कार में आते जाते कितनी ही बहन बेटियों का स्कैनिंग कर विवेचनात्म रेप किया होगा वैचारिक रेप किया होगा | ना ना साहेब हम ये कदापि नहीं कह रहे की आपका ये जन्मसिद्ध अधिकार है आप क्यों न करे | मेरे कहने सुनने से क्या होगा , जब आपका वजूद ही वजूद नहीं, आप भी रेप करते आये है ओर करेंगे कौन रोक सकता है जनाब आपको आप तो आप है |
रिक्शावाला जब किसी महिला सवारी को बिठाता है तो देखिये उसकी आँखों में लालच का पानी। एक ऑटो ड्राइवर जब किसी युवती या बच्ची को बिठाता है तो देखिये उसकी नज़र। वह आधे वक़्त मिरर में ही देखता रहता है। बस कंडक्टर, ड्राइवर को देखिये, हवस होती है उनकी आँखों में / और सुनिए मेरी कलम की आँखों से ... सब्जी वाला जब सब्जी बेचता है महिलाओ को देख कर पुरुष ग्राहकों से अंखिया मिला कर जो फब्तियां कसता है क्या वो रेप नहीं है ... नहीं न तो इतना समझ लीजे साहेब की आपकी बहन , बीवी का ही नहीं आपकी माँ ओर बेटी का हर रोज रेप होता है बस आपको पता ही नहीं चलता क्योंकि दिन भर में आपके भीतर का राम सिर्फ बिस्तर पर तब जागता है जब आपकी धर्मपत्नी नौकरी कर अपने पुरुष साथियों के साथ दिन भर की आपा धापी आपसे न कह पाती है ओर आप उसकी बातो के पचहत्तर अर्थ निकाल कर उसको सीता होने का प्रमाण मांगते हो | भले दिन भर आपने अपने साथियों के साथ मिलकर चाय की थडी पर , बस में या कार में आते जाते कितनी ही बहन बेटियों का स्कैनिंग कर विवेचनात्म रेप किया होगा वैचारिक रेप किया होगा | ना ना साहेब हम ये कदापि नहीं कह रहे की आपका ये जन्मसिद्ध अधिकार है आप क्यों न करे | मेरे कहने सुनने से क्या होगा , जब आपका वजूद ही वजूद नहीं, आप भी रेप करते आये है ओर करेंगे कौन रोक सकता है जनाब आपको आप तो आप है |
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