सोमवार, 13 जून 2022

इन्द्रधनुषी आलिंगन

 बादलों से घिरी सुबहो की मल्लिका ने 

बिखेर दी इन्द्रधनुषी खुशबुयें, आलिंगन 

किया जब पुरवाई सी हवाओं ने ......


भीगी भीगी सी डालियों ने किया नव कलरव 

गीत गया कोयल ने खुशियों में नव पल्लव 

नव श्रींगार हो रहा धरा का हो मस्त मगन मगन 

नाच उठा आज गगन भी घूम घूम आँगन आँगन 


बूँद बूँद जी उठी .... सुन्दर सपन सलोनी सी 

मौसम ने जो ली अंगड़ाई खिल गया दिल चमन चमन।

2 टिप्‍पणियां: