सोमवार, 15 जुलाई 2013

याद रखना , मैं सावन हूँ .....

 ऐ ! शहजादी देखो 
कितनी चीज़े लाया हु 
बादलो का डेरा 
बिजली की पायल 
बूंदों के झूले 
प्रेम-राग के गीत 
याद रखना , मैं सावन हूँ बरस में 
एक बार तो ज़रूर आऊंगा 
फिर क्या हुआ 
जो तब गया 
 और अब फिर आया हु 
सावन हूँ बना कर अपनी 
तुझको, जाते जाते भी 
दामन तेरा भर जाऊंगा 
याद रखना , मैं सावन हूँ बरस में 
एक बार तो ज़रूर आऊंगा 
ये ओर बात है 
जाते जाते तोहफा 
गीत विरह के दे जाऊंगा 
लब  गुन गुनायेंगे दिन रैन 
याद रखना , मैं सावन हूँ बरस में 
एक बार तो ज़रूर आऊंगा 

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