मैं जानती हूँ तुम कौन हो
हाँ, और मैं ये भी जानती हु कि
मैं कौन हूँ,
फिर ये भी कि सच्चाई
क्या है,
डरो नहीं सच्चाई ... ?
सच्चाई तो सिर्फ प्रेम है
वो जो तुम में
वो जो मुझ में
सांस ले रहा है
जीवन है, गीत है, हर पल का
मौन साक्षात है
वो एक निराकार विचार
वो एक निशब्द संवाद
सुनो उस एक धड़कन
कि कई कई धड़कनो को
सीने से लगा कर
उसके अस्तित्व को
स्पर्श के अलौकिक अहसास को
पी लो उस मय-मधुर रस को
बहक सको गर कुछ क्षण
बहको जीवन सुवास को
जानोगे तभी मेरे साथी
साथ के सुंदर अहसास को ....
हाँ, और मैं ये भी जानती हु कि
मैं कौन हूँ,
फिर ये भी कि सच्चाई
क्या है,
डरो नहीं सच्चाई ... ?
सच्चाई तो सिर्फ प्रेम है
वो जो तुम में
वो जो मुझ में
सांस ले रहा है
जीवन है, गीत है, हर पल का
मौन साक्षात है
वो एक निराकार विचार
वो एक निशब्द संवाद
सुनो उस एक धड़कन
कि कई कई धड़कनो को
सीने से लगा कर
उसके अस्तित्व को
स्पर्श के अलौकिक अहसास को
पी लो उस मय-मधुर रस को
बहक सको गर कुछ क्षण
बहको जीवन सुवास को
जानोगे तभी मेरे साथी
साथ के सुंदर अहसास को ....
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