बुधवार, 3 अप्रैल 2024

हीर

 हीर हो जा अनु 

गर  ईश्क मे हैं ...

य़ा 

कोहीनूर  हो जा अनु 

गर  धूल मे हैं 

य़ा 

कोई बात नही तुझमे अनु 

गर तो कोई बात नही 

य़ा 

क़र दर्द की बात 

गर ना हो दर्द का इलाज 'अनु'  

य़ा 

ऐसा कर कुछ लिख अनु 

कलम भर आंसूओ से 

और

 भीगो कागज का सीना अनु 

य़ा 

जी कुछ ऐसे अन्दाज  से 

गर जीना हैं ज़रूरी अनु 

य़ा 

 फिर फारी हो दुनिया से 

और अपने काम से रख काम 'अनु '


#AnitaRathi - 30/01/2018

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