हीर हो जा अनु
गर ईश्क मे हैं ...
य़ा
कोहीनूर हो जा अनु
गर धूल मे हैं
य़ा
कोई बात नही तुझमे अनु
गर तो कोई बात नही
य़ा
क़र दर्द की बात
गर ना हो दर्द का इलाज 'अनु'
य़ा
ऐसा कर कुछ लिख अनु
कलम भर आंसूओ से
और
भीगो कागज का सीना अनु
य़ा
जी कुछ ऐसे अन्दाज से
गर जीना हैं ज़रूरी अनु
य़ा
फिर फारी हो दुनिया से
और अपने काम से रख काम 'अनु '
#AnitaRathi - 30/01/2018
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