सुनो
तुम कहो तो
मैं भी कह दु
जो कहना था
बरसो पहले की
कुछ कहना है मुझे
सुनो
तुम कहो तो
कह दु की कुछ
तितलियों की रंगीनियाँ
चाहिए तुम ल दो
वो रंग वो उड़ान
और वो चाहत
मासूम दिलो को जो
भा जाए और लगने लगे
की हाँ यही जीवन है
सुनो
तुम कहो तो कह दु
जो कहना था मुझे।
डॉ. अनीता राठी
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