दर्द के रिश्ते को खुशगवार कर गया वो
आया यु कि खुश्बुओ से तर कर गया वो
खुद अपनी ही खबर नहीं यु बेखबर कर गया वो
देकर साँसों का पता अपना पता दे गया वो
है गाफिल एक पंछी इस कदर जानता था वो
गंगाजल थोडा पिला ज़िंदा कर गया वो
एक झक-सफ़ेद कबूतर खबरनवीस था वो
देकर पता मुझको मेरा यु फ़किरी सिखा गया वो
बैचैन बहारो को खुश्बुओ से सरोबार कर गया वो
महके जो फूल हरसिंगार के तरोताज कर गया वो
कोहरे कि चादर से ढकी ज़िंदगी को बेपर्दा कर गया वो
ओंस कि बूंदो कि मानिंद नमी मुझ में भर गया वो
हिमालय सा उसका वजूद मुझको झुका गया वो
पिघली बर्फ से निकली भागीरथी सी मुझको बहा गया वो
सख्त मौसम में झोखा खुशनवार है वो
सर्दी कि जर्द खौफ में धुप गुन-गुनी है वो
आया यु कि खुश्बुओ से तर कर गया वो
खुद अपनी ही खबर नहीं यु बेखबर कर गया वो
देकर साँसों का पता अपना पता दे गया वो
है गाफिल एक पंछी इस कदर जानता था वो
गंगाजल थोडा पिला ज़िंदा कर गया वो
एक झक-सफ़ेद कबूतर खबरनवीस था वो
देकर पता मुझको मेरा यु फ़किरी सिखा गया वो
बैचैन बहारो को खुश्बुओ से सरोबार कर गया वो
महके जो फूल हरसिंगार के तरोताज कर गया वो
कोहरे कि चादर से ढकी ज़िंदगी को बेपर्दा कर गया वो
ओंस कि बूंदो कि मानिंद नमी मुझ में भर गया वो
हिमालय सा उसका वजूद मुझको झुका गया वो
पिघली बर्फ से निकली भागीरथी सी मुझको बहा गया वो
सख्त मौसम में झोखा खुशनवार है वो
सर्दी कि जर्द खौफ में धुप गुन-गुनी है वो
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