मंगलवार, 31 दिसंबर 2013

<3 काश लिखू कुछ ऐसा ..
नव वर्ष आपका मंगलमय बने ... <3

नए साल कि नन्ही ओंस
बन, नयी कलम और नयी यादें
काश लिखू कुछ ऐसा कि
फिर और जियादा आया करू
ख्वाबो में आपके लेकर नए वादे

खामोश आपकी जुबान
के शब्द में बनू
टूटे गर ख्वाब कोई
आपके तो नए ख्वाब बनू
काश के लिखू कुछ ऐसा
भटके प्रेमी कि राह बने

खामोश जुबां के शब्द बनूं
टूटे सपनो के टुकड़े चुनूं
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
भटके अपनो की राह बुनूं
परेशान हो गर आप तो
सुकून कुछ पहुँचाउ
काश लिखू कुछ ऐसा
जाने से पहले कुछ काम आऊं

दुखी हिरदय कि मरहम बने
शब्द मेरे निर्धन कि हिम्मत बने
काश लिखूं कुछ ऐसा  कि
मेरी यादें आपकी यादे बने

नव वर्ष के नव गीत बने
शब्द करे रोशन हर दिल
काश लिखू कुछ ऐसा
शब्द एक एक दीप बने

जंग लगे रिश्तो कि बात बने
जोड़ सकू दिलो को कविता ऐसी बने
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
दिलो के बैर मिटे और बात बने

कविता के छंदो से नव-पुष्प बने
खुशबु से इनकी सारा आलम महके
आस कि सरिता बहे नव-गीत-गजल बने
प्रेम के झरने रिसे भाव कि गंगा बने

काश लिखू कुछ ऐसा !
नव वर्ष आपका मंगलमय बने

1 टिप्पणी:

  1. nice
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