दोस्त
ना अब वैसे से रहे
जो कहे बाद में पढ़ लेना
आजा खेले
दोस्त
ना अब वैसे से रहे
जो ले जाये बेफिक्री
की पटरियों पर
दोस्त
ना अब वैसे से रहे
जो ढूंढ लाते थे मुझे
कॉलोनी के किसी भी कोने से
दोस्त
ना अब वैसे से रहे
जो डरा दे आसमान से
कह कर ये की
अपन कुए में पड़े है बहुत गहरे
दोस्त
अब ना वैसे से रहे
जो देख कर दरवाजे पर मुझे
पेट भर जाने का हवाला दे
उठकर आ जाते आधे भूखे पेट
दोस्त
अब ना वैसे रहे
जो आते तो फिर जाने
का नाम न लेते जब तक
घर वाले ना लेने आ जाते
दोस्त
अब दोस्त से ही ना रहे
ना अब वैसे से रहे
जो कहे बाद में पढ़ लेना
आजा खेले
दोस्त
ना अब वैसे से रहे
जो ले जाये बेफिक्री
की पटरियों पर
दोस्त
ना अब वैसे से रहे
जो ढूंढ लाते थे मुझे
कॉलोनी के किसी भी कोने से
दोस्त
ना अब वैसे से रहे
जो डरा दे आसमान से
कह कर ये की
अपन कुए में पड़े है बहुत गहरे
दोस्त
अब ना वैसे से रहे
जो देख कर दरवाजे पर मुझे
पेट भर जाने का हवाला दे
उठकर आ जाते आधे भूखे पेट
दोस्त
अब ना वैसे रहे
जो आते तो फिर जाने
का नाम न लेते जब तक
घर वाले ना लेने आ जाते
दोस्त
अब दोस्त से ही ना रहे
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें