बुधवार, 8 जुलाई 2020

लाशों के बाजार



राजनीति तेरे कद्रदानों के लिए
लाशो का इक बाजार होना चाहिए

मुर्दो की वैरायटी होनी चाहिए
देश के कोने कोने ये व्योपार होना चाहिए

कभी मुर्दो का export तो कभी
 इम्पोर्ट  भी होना चाहिए

राजनीति की सजावट के लिए
लाशो का शोरूम होना चाहिए

चमाचम लाईटो के बीच
सडी गली रेप की हुई लाशें होनी चाहिए

मीडिया की सुर्ख़ियो में हर लाश का
 राजनितिक पंचनामा होना चाहि

लाशे कम पड जाये तो ओ राजनीति
महामारियों के  विकल्प होने चाहिए

लाश न सही मिक्स मैच फ्यूजनिस्टिक हड्डिया ही हो
 पर कुछ तो निर्जीव होना चाहिए ,,

राजनिति के खेल में सदी के महानुभावों
के वास्ते लाशो का हिस्सा होना चाहिए

ताली थाली शंख बजते रहै लग गए ढेर
हो पुष्पवर्षा अब तो, ब्रह्मनाद भी होना चाहिए।

copyright डॉ. अनीता राठी 'राहिराज

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