राजनीति तेरे कद्रदानों के लिए
लाशो का इक बाजार होना चाहिए
मुर्दो की वैरायटी होनी चाहिए
देश के कोने कोने ये व्योपार होना चाहिए
कभी मुर्दो का export तो कभी
इम्पोर्ट भी होना चाहिए
राजनीति की सजावट के लिए
लाशो का शोरूम होना चाहिए
चमाचम लाईटो के बीच
सडी गली रेप की हुई लाशें होनी चाहिए
मीडिया की सुर्ख़ियो में हर लाश का
राजनितिक पंचनामा होना चाहि
लाशे कम पड जाये तो ओ राजनीति
महामारियों के विकल्प होने चाहिए
लाश न सही मिक्स मैच फ्यूजनिस्टिक हड्डिया ही हो
पर कुछ तो निर्जीव होना चाहिए ,,
राजनिति के खेल में सदी के महानुभावों
के वास्ते लाशो का हिस्सा होना चाहिए
ताली थाली शंख बजते रहै लग गए ढेर
हो पुष्पवर्षा अब तो, ब्रह्मनाद भी होना चाहिए।
copyright डॉ. अनीता राठी 'राहिराज
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