है एक आफत
इस तरफ
और
एक गफलत
उस तरफ
आज दोनो के
दरमियाँ
इतना खिंचाव
क्यों है
है मुश्किले भी
कुछ अजब
क्यों हम बारिशों
में भीग से जाते है
जब जब कुछ
ख्वाब किरच किरच
हो बिखर से जाते है।
रंग हिना हो
महकता मोगरा हो
संदली खुशबुओं
का साथ हो
जो तुम आओ
इस तरफ
और
एक गफलत
उस तरफ
आज दोनो के
दरमियाँ
इतना खिंचाव
क्यों है
है मुश्किले भी
कुछ अजब
क्यों हम बारिशों
में भीग से जाते है
जब जब कुछ
ख्वाब किरच किरच
हो बिखर से जाते है।
रंग हिना हो
महकता मोगरा हो
संदली खुशबुओं
का साथ हो
जो तुम आओ
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