बुधवार, 8 जून 2016

ओरी सखी मेरी शानी सखी

बरसे मेघ घनेर री सखी
ओरी सखी मेरी शानी सखी
तेरे असुअन की लड़ी
लगे मोतीयन की री झडी
ओरी सखी मोरी
प्यारी सखी ....
कजराए बदरा,
ज्यूँ तेरे नयन
घबराए जिया,
डरे है मन ज्यों
ज्यों कड़कती है वो बैरन
ओरी सखी मोरी
प्यारी सखी ......
आये याद मोहे
सजन, ज्यों ज्यों
याद आये तोहे
तोरे सजन ......
ओरी सखी मोरी
प्यारी सखी .....
काहे आये न नींद
तोहे सखी
काहे नहीं भावे
रात ये बैरन
ओरी सखी मोरी
प्यारी सखी .....
का कह रहा चन्दा
तोसे कल रात
बिरहन, का
बातें कर रही तू
ओ से बिरहन ...
ओरी सखी मोरी
प्यारी सखी .....
दियो भी है संदेसो
तैने सखी ... लाजो
जल्दी तू मेरे सजन
दीजो संदेसो मेरो।।
नयन बिन नींद
सूने सजन ...
हाँ  जी सूने सजन
हाँ री  सखी मोरी
प्यारी सखी .....
बरसे मेघ घनेर री सखी
ओरी सखी मेरी शानी सखी

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