"आजादी एक रंगीन तितली सी..."
ये आजादी मुझे एक रंगीन तितली सी लगे है
पकड़ना चाहू ये तो मुझसे भागती से लगे है।
रंग तिरंगे का मुझको इसके पंखो सा लगे है
जब जब देखू इसको मुझको गुमान सा लगे है।
आजादी के मायने मुझे सपन सलोने लगे है
सच कहो! क्या तुमको हर भारतवासी आजाद लगे है।
हिन्दुस्तान मेरी आन, बान, शान फिर क्यों
डर मुझे इसकी पहचान का लगे है।
दुश्मनों से नहीं 'डर' अपनों की बेहयाई का लगे है
भयभीत है इस कदर फूल भी कांटे लगे है।
पंखो के रंगों में रंग लाल मिला है जियदा लगे है
शहादत का नहीं ये तो रंग बेवफाई का लगे है।
उड़ उड़ कर इसने देखे सपने अपने पूत सपूतो के
बेमौत जो मर रहे देख उनको ये घायल बदहवास लगे है।
किस से करे शिकवे गिले सब से खफा खफा लगे है
खो कर अपने वीर लाडले कितनी आज ये उदास लगे है।
आजादी की तितली देखो मुझको आज रंग सफ़ेद लगे है
अशोक-चक्र में फसी जिंदगियां सिसकियों में डूबी लगे है।
छोटी छोटी आँखों से देखती चहुँ ओर अपने अपनों से
हुई हताहत, लूटी जैसे इसकी आबरू सरे लगे है।
आजादी की तितली के पैर टिकते नहीं जमी से लगे है
देश की माटी में अगन क्रोध की बहोत इसको लगे है।
ये आजादी मुझे एक रंगीन तितली सी लगे है
पकड़ना चाहू ये तो मुझसे भागती से लगे है।
ये आजादी मुझे एक रंगीन तितली सी लगे है
पकड़ना चाहू ये तो मुझसे भागती से लगे है।
रंग तिरंगे का मुझको इसके पंखो सा लगे है
जब जब देखू इसको मुझको गुमान सा लगे है।
आजादी के मायने मुझे सपन सलोने लगे है
सच कहो! क्या तुमको हर भारतवासी आजाद लगे है।
हिन्दुस्तान मेरी आन, बान, शान फिर क्यों
डर मुझे इसकी पहचान का लगे है।
दुश्मनों से नहीं 'डर' अपनों की बेहयाई का लगे है
भयभीत है इस कदर फूल भी कांटे लगे है।
पंखो के रंगों में रंग लाल मिला है जियदा लगे है
शहादत का नहीं ये तो रंग बेवफाई का लगे है।
उड़ उड़ कर इसने देखे सपने अपने पूत सपूतो के
बेमौत जो मर रहे देख उनको ये घायल बदहवास लगे है।
किस से करे शिकवे गिले सब से खफा खफा लगे है
खो कर अपने वीर लाडले कितनी आज ये उदास लगे है।
आजादी की तितली देखो मुझको आज रंग सफ़ेद लगे है
अशोक-चक्र में फसी जिंदगियां सिसकियों में डूबी लगे है।
छोटी छोटी आँखों से देखती चहुँ ओर अपने अपनों से
हुई हताहत, लूटी जैसे इसकी आबरू सरे लगे है।
आजादी की तितली के पैर टिकते नहीं जमी से लगे है
देश की माटी में अगन क्रोध की बहोत इसको लगे है।
ये आजादी मुझे एक रंगीन तितली सी लगे है
पकड़ना चाहू ये तो मुझसे भागती से लगे है।
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