बुधवार, 8 जून 2016

मासूम सी शिकायत"

मासूम सी शिकायत"

ये मासूम सी शिकायत ...
न करते तुम तो अच्छा था

कैसे जीत जाते हम तुम्हे
फिर भी तुम हार ही जाते तो अच्छा था

सादगी में देखा तुम्हे
कुछ तुम भी मुझ सा ढल जाते तो
अच्छा था

क्या गजब कर गया ये
लम्हा हम बिन याद किये तुम्हे
यु ही खो जाते तो अच्छा था

'राही राज' सपनो से क्या तुम्हे
तुम आँखें मूँद चलते रहते तो अच्छा था

अब के आये तो क्या आये
अब भी ना आते तो अच्छा था

भूल चुके तेरी फुर्कतो को संग तुम्हे
ये दिया तुम फिर न जलाते तो अच्छा था

क्यों परेशां करें तुम्हे
या रब घुट घुट दम निकल जाता तो अच्छा था

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