बुधवार, 8 जून 2016

ईद के साथ तीज'

ईद के साथ तीज'

 ...आज दिल के आसमां पर ज्यूं चाँद उतर आ गया ..
वाह! क्या खूब जो तेरे ख़याल के साथ तू खुद आ गया

बस्ति है ये आबाद तुम्ही से अ: रौनक-ए-महफ़िल
बा-मुश्किल गुजरी घड़ियाँ इन्तिज़ार की तो क्या
आज लेकर तु मेरी ईद आ गया, वाह! क्या खूब
जो तेरे ख़याल के साथ तू खुद आ गया .....

वो जो हाथ भर का था फासला, बताओ मेरे दर्द का
पता तुमने किस से था पाया, करते इबादत ,
सजदे उतार उतार, क़ुबूल हुई दुआ, वाह! क्या खूब
जो तेरे ख़याल के साथ तू खुद आ गया ....

तुझे देखने को तरस गई ये मेरे नसीब की तन्हाइयां
बारिशें ये लेके आई आज मेरे नसीब की खुशियाँ
ईद से पहले जो चाँद मेराउतर आ गया, वाह! क्या खूब
जो तेरे ख़याल के साथ तू खुद आ गया ....

सावन के महीने में हथेली पर हिना का खिजाब बन
आज ले कर सुहाग साथ तू और सिंझारे की मस्तियाँ
ईद के साथ साथ तीज की खुशियाँ ले कर आ गया, वाह! क्या खूब
जो तेरे ख़याल के साथ तू खुद आ गया ...........

 ...आज दिल के आसमां पर ज्यूं चाँद उतर आ गया ..
वाह! क्या खूब जो तेरे ख़याल के साथ तू खुद आ गया

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