अ
प्यारी गर्मी तुम हमेशा यु
ही आना
......
गर्मियों
का नीला आसमां ......
इक
सुंदर सपन सलोना ..
प्यारा
मौसम का रंग अपना
उड़ते
सफ़ेद बादलों का अंगना
मिलो
गर्मी की शाम में .....
समझो
कुछ मेरा सपना
रख
काँधे सर अपना ......
समंदर
के किनारे हो घर अपना
ऊँची
घास का अंगना ...
फूलों
की वादी का महकना
मोगरे
की खुशबुओं में बहकना
तितलियों
के झुंडों में खोना
उड़ते
बीजों को दूर जमीं में बोना
तारों
का बारी बारी टीम-टिमाना
आधी
अलसायी सी रात में .....
प्यारे
उल्लू का नीम की डाल पे आना
वो
चमगादड़ का यूँ ही भटकना
गली
के मोड़ पर हवा का चलना
मीठे
रसीले फलों का पकना
गुलाबी
गुलाबी गुलाब का खिलना
हरिया
तोते के झुंडो का खेलना
और
... राम
नाम का रटना ....
भोर
के पक्षिओं का चहचहाना
पौ
फटते से प्यारी कोयल का गाना
उगते
सूरज से पहले लालिमा आना
झींगुरो
की झाय झाँय होना ...
अ
प्यारी गर्मी तुम हमेशा यु
ही आना
अ
प्यारी गर्मी तुम हमेशा यु
ही आना .....
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