.....
यादें
याद आती है... बातें......बातें भूल जाती है
...
आओ
चलो बैठे कुछ पल साथ साथ,
.... क्यों
....
नहीं
बस यु ही .....
बैठो
...
नहीं
याद करेंगे उन् दिनों को हम,
उनकी
बातें भी नहीं करेंगे,
... जब
हॉस्टल के कमरे से तुम आती और
में बाहर ...यु
ही ..
बस
यूँ ही ...
कॉफ़ी
के बीर्जों की खुशबु भरी सुबहो
के लालच में तुम्हारा यु ही
इन्तिज़ार करता था .....
माथे
पर पसीने की बूंदे लगातार एक
के बाद एक विचारों के समन्दर
के उफ्फान को ....
नसों
के किनारों में बांधते बांधते
छलक आती .......
चलो
नहीं करेंगे बातें लम्बी बाहें
फैलाये आसमान की .... ...
बैठो
...
आज
बातें नहीं करेंगे उन लम्हों
की जब एक आदमी को चुरा लिया था
किसी की मसरूफियत भरी निगाहों
ने,
लिबेरारी
की किताबो के बीच से झाँक ......
बिस्तर
से हर रात वो खफा सा ही रहा ...
अपने
हाड मॉस के पुतले को वहीँ रख
वो न जाने क्यों,
रोशनदान
की छोटी जाली से तुम्हे देखने
पहोंच जाता ,
इम्तिहान
में ...
नोट
बुक के सिरहाने प्रश्नपत्र
रख कर तुम्हारे रोल नो खोजता
फिरता .........
फिर
भी परिणाम अनुत्रीन नहीं रहा
था ...
और
फिर जुलाई के पहले दिन .....
पहली
बारिश की खुशबु ने भिगो दिया
था .....
बैठो
न ............
नहीं
याद करेंगे उन दिनों को ...
और
फिर कॉफ़ी हाउस की कॉफ़ी,
टेबल
से तुम चली आई ....
साथ
मेरे घर के कोने कोने में तस्वीर
तुम्हारी ...
हाँ
...
घर
रोज-गार्डन
सा .....
पता
ही नहीं चला ...
कब
यादों के दो राहो पे चलने लगा
में ......
अरे
तुम ...
अभी
तक मुझे सुन रही हो ....
मैंने
कहा न ...
बैठो
नहीं याद करेंगे ..
नहीं
उन दिनों की बात भी नहीं करेंगे
.....
पानियों
पे कागज़ की किश्ती तैरती है
और ....
लहरों
को सुना ही जाती है कहानियाँ
तुम्हारी ...
नहीं
मेरी ...
नहीं
नहीं ...
अब
हमारी .....
आओ
हवा बहाने लगी है ...
जर्द
सर्द सी पिघलने लगी यादें
.....
यादों
का क्या ...
यादें
तो याद ही आती है,
... बातें
...
हाँ
...
बातें
भूल जाती है ....
..........
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यादों का क्या ... यादें तो याद ही आती है, ... बातें ... हाँ ... बातें भूल जाती है .... ..........
जवाब देंहटाएंबिलकुल सही बात कही मैम!
आपका ब्लॉग बहुत अच्छा लगा।
सादर
Thanks Yashwant Mathur ji
हटाएंइस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंVery very nice Anita ji
जवाब देंहटाएंVery very nice Anita ji
जवाब देंहटाएंThank You Sunil.
हटाएंI feel very honour to read ur blog its really awesome and imaginary.well done Anita jii.keep it up.....
जवाब देंहटाएंDeepak